Thursday, February 19, 2026

झारखंड: बच्चा चोरी की अफवाह में भीड़ का निशाना बन रहे निर्दोष, पांच दिन में 12 से ज्यादा घटनाएं


रांची, 19 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों ने खतरनाक रूप ले लिया है। पिछले पांच दिनों में 12 से अधिक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चा चोरी की अफवाह के कारण भीड़ ने निर्दोषों को निशाना बनाया।

गुरुवार को रांची में महज शक के आधार पर तीन निर्दोष लोगों को भीड़ ने घेरकर पीट दिया। मामला एदलहातु का है, जहां दो महिलाओं और एक पुरुष पर बच्चा चोरी का आरोप लगाकर हमला किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीनों की जान बच सकी। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह की पुष्टि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो महिलाएं और एक पुरुष ऑटो से एक बच्चे को लेकर जा रहे थे। बच्चा रो रहा था। इसी दौरान किसी ने बच्चा चोरी का शोर मचा दिया। अफवाह फैलते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और बिना तथ्य की पुष्टि किए ऑटो को रोककर तीनों को नीचे उतार लिया।

देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही बरियातू थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर तीनों को भीड़ से मुक्त कराया और थाने ले आई। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि बच्चा चोरी का कोई प्रयास हुआ था या नहीं। संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

इसी तरह पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाहें सोशल मीडिया, विशेषकर व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैली हैं। धनबाद, चतरा, जमशेदपुर, जामताड़ा, गिरिडीह, रामगढ़, लातेहार और बोकारो में भी भीड़ की ओर से संदेह के आधार पर लोगों की पिटाई की घटनाएं सामने आईं।

चतरा जिले के पिपरवार में तीन दिन पहले बच्चा चोरी के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बाद में पता चला कि जिस व्यक्ति को भीड़ ने मार डाला, वह विक्षिप्त था। बुधवार को धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र में बच्चा चोर की अफवाह में भीड़ ने दो महिलाओं पर हमला किया। बाद में पुलिस दोनों महिलाओं को भीड़ से बचाकर थाने तक सुरक्षित लेकर आई।

16 फरवरी को बोकारो में बच्चा चोर गैंग से जुड़े होने के आरोप में लोगों ने छह महिलाओं की पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया।

झारखंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि किए बिना कानून हाथ में न लें और तत्काल पुलिस को सूचित करें।

–आईएएनएस

एसएनसी/डीसीएच


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