Thursday, February 19, 2026

तेज हवाओं और बूंदाबांदी से एनसीआर की हवा में सुधार, कई इलाके ऑरेंज से येलो जोन में पहुंचे


नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। एनसीआर में बुधवार सुबह चली 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और हल्की बूंदाबांदी का साफ असर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पर देखने को मिला। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर घटकर ऑरेंज जोन (मध्यम से खराब) से येलो जोन (मध्यम) में पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय धुंध की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों की बात करें तो अलीपुर में 146, आनंद विहार में 249, अशोक विहार में 181, आया नगर में 119, बवाना में 193, बुराड़ी क्रॉसिंग में 144, चांदनी चौक में 227, सीआरआरआई मथुरा रोड में 150, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 177 और डीटीयू में 130 एक्यूआई दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कई इलाकों में एक्यूआई 100-150 के बीच दर्ज किया गया, जो येलो जोन की श्रेणी में आता है। हालांकि, आनंद विहार (249) और चांदनी चौक (227) जैसे कुछ इलाकों में अभी भी प्रदूषण ऑरेंज जोन में बना हुआ है।

नोएडा में स्थिति की बात करें तो चारों सक्रिय स्टेशनों के आंकड़े इस प्रकार हैं, सेक्टर-125 में 197, सेक्टर-62 में 146, सेक्टर-1 में 207 और सेक्टर-116 में 158 एक्यूआई दर्ज किया गया है। यहां सेक्टर-62 का एक्यूआई 146 दर्ज किया गया, जो येलो जोन में है, जबकि सेक्टर-1 (207) और सेक्टर-125 (197) ऑरेंज जोन में बने हुए हैं। सेक्टर-116 में एक्यूआई 158 रहा।

गाजियाबाद में भी चार सक्रिय स्टेशनों पर दर्ज आंकड़े में इंदिरापुरम में 209, लोनी में 241, संजय नगर में 148 और वसुंधरा में 210 एक्यूआई दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार, 19 फरवरी को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया, आर्द्रता 90 से 50 प्रतिशत के बीच रही। 20 और 21 फरवरी को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहने का अनुमान है। इन दिनों भी ‘मिस्ट’ की स्थिति रहेगी, लेकिन फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की वर्षा और हवा की रफ्तार बढ़ने से वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों का प्रसार हुआ, जिससे एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। यदि हवाओं की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है तो आने वाले दिनों में और सुधार संभव है।

–आईएएनएस

पीकेटी/एबीएम


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