लखनऊ, 18 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के बीच शुरू हो गईं। राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का पुष्पवर्षा, तिलक और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया।
प्रथम पाली में हाईस्कूल का हिंदी प्रश्नपत्र आयोजित किया गया। सुबह सवा सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। राजधानी लखनऊ के काली चरण इंटर कॉलेज, जुबिली इंटर कॉलेज और जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज समेत कई केंद्रों पर छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने जियामऊ स्थित परीक्षा केंद्र पर छात्राओं से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी बिना तनाव और भय के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुचिता सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रदेशभर में परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मंडलीय और जनपदीय सचल दल गठित किए गए हैं।
प्रदेश के कई जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है। जबकि कई परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। इन केंद्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय रखा गया है तथा अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्ट्रांग रूम 24×7 निगरानी में हैं और लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से परीक्षा की मॉनिटरिंग की जा रही है। लखनऊ में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जबकि राज्य स्तर पर भी कंट्रोल सेंटर से सभी 75 जनपदों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
परीक्षार्थियों और अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 और 18001806608 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के कंट्रोल रूम भी सक्रिय हैं। नकल पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान प्रदेश में लागू उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत प्रश्नपत्र निर्माण, वितरण और मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।
उत्तर पुस्तिकाओं में विशेष सुरक्षा फीचर और रिजर्व प्रश्नपत्रों को डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखा गया है। सीतापुर जिले में 146 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पहले दिन हाईस्कूल हिंदी परीक्षा में विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों को तिलक लगाकर प्रवेश दिया गया। हालांकि कुछ केंद्रों पर प्रारंभिक समय में सुरक्षा बलों की अनुपस्थिति की शिकायत भी सामने आई। राजधानी लखनऊ में परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। यहां 121 केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और हजारों कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षाएं 12 मार्च तक चलेंगी।
प्रशासन का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और सख्त निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण मिल सके। इस वर्ष प्रदेशभर में आयोजित हो रही बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 53,37,778 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जो अलग-अलग जिलों के परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
–आईएएनएस
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