अगरतला, 17 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि जातीयता और सांप्रदायिकता पर आधारित राजनीति न तो वांछनीय है और न ही रचनात्मक। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन का केंद्र विकास और एकता होना चाहिए।
उनाकोटी जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘टिपरालैंड’ और ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ जैसी मांगें उठाकर लोगों को गुमराह करने के प्रयासों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक आंदोलन संवेदनशील जातीय भावनाओं का फायदा उठाकर भोले-भाले ‘जनजाति’ लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए जनता के कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा में शामिल हुए 57 परिवारों के 215 मतदाताओं का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि राज्य सरकार कोकबोरोक और अन्य अल्पसंख्यक भाषाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार पारदर्शिता और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हम समाज के सभी वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए काम कर रहे हैं ताकि एक नए त्रिपुरा का निर्माण हो सके।
भाजपा में नए शामिल हुए सदस्यों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह निर्णय पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में उनके विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में जनजाति भाइयों और बहनों की उपस्थिति भाजपा और प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण में उनके भरोसे को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन का उदाहरण प्रस्तुत करके देश की राजनीति का स्वरूप बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि हमारी त्रिपुरा सरकार भी आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है।
–आईएएनएस
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