Monday, February 16, 2026

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी को 49.97 फीसदी और जमात को 31.76 फीसदी वोट मिले


ढाका, 15 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का डंका बजा। 12 फरवरी को वोटिंग के बाद हुई मतगणना में पार्टी ने बंपर जीत हासिल की। गठबंधन सहयोगियों के साथ पार्टी 212 सीटों पर सफल रही, तो वहीं अपने दम पर 209 सीटें हासिल की थीं।

द डेली स्टार के मुताबिक रविवार को चुनाव आयोग ने एक और फैक्ट बताया। 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव को लेकर आयोग की ओर से जारी पार्टी-वार वोट डेटा के अनुसार, नेशनल इलेक्शन में बीएनपी को कुल 49.97 फीसदी वोट मिले, जबकि जमात को 31.76 फीसदी ही मिले हैं।

दूसरे सियासी दल पीछे रह गए, जिसमें नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) को 3.05 फीसदी, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को 2.70 फीसदी, और बांग्लादेश खिलाफत मजलिस को 2.09 फीसदी वोट मिले।

इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स ने कुल मिलाकर 5.79 फीसदी वोट हासिल किए।

चुनावी नतीजे में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की एकतरफा जीत ने कइयों को चौंकाया है तो कुछ ने इसे अपेक्षित नतीजा करार दिया है। इस चुनाव में, 41 राजनीतिक दलों का सूपड़ा भी साफ होना कम हैरानी की बात नहीं है। पहली बार ही ऐसा हुआ कि किसी नेशनल इलेक्शन में एक साथ रेफरेंडम कराया गया। 59 रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टियों में से 50 ने चुनाव लड़ा।

ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि सिर्फ नौ पार्टियों को संसद में सीट मिली। बाकी 41 पार्टियां, दर्जनों, और कुछ मामलों में सौ से ज्यादा, चुनाव क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने के बावजूद, खाली हाथ रहीं।

इस बीच स्थानीय मीडिया ने ईसी के हवाले से पुष्टि की कि 17 फरवरी को नई कैबिनेट शपथ लेगी। चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद बीएनपी नई सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि सरकार ने पहले ही चुने हुए संसदीय सदस्यों की लिस्ट वाला ऑफिशियल गजट पब्लिश कर दिया है।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, संविधान के आर्टिकल 148 के अनुसार, चुने हुए प्रतिनिधियों को चुनाव का आधिकारिक परिणाम घोषित होने के तीन दिनों के भीतर शपथ लेनी होती है। 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के चुने हुए सदस्य मंगलवार को शपथ लेंगे, और कैबिनेट भी उसी दिन शपथ लेगी।

चुनाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने एक प्रेस ब्रीफिंग में शेड्यूल की पुष्टि की। वहीं, ढाका ट्रिब्यून ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार बनने के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। अनुभवी नेताओं के साथ-साथ, पार्टी युवा और बहुत पढ़े-लिखे नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां देने की योजना बना रही है। गृह मंत्रालय, कानून, वित्त और विदेश मामलों जैसे जरूरी मंत्रालयों में वरिष्ठ और नए नेतृत्व को जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

केआर/


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