ढाका, 15 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं, और 17 फरवरी को नई कैबिनेट शपथ लेगी। चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नई सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि सरकार ने पहले ही चुने हुए संसदीय सदस्यों की लिस्ट वाला ऑफिशियल गजट पब्लिश कर दिया है।
बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, संविधान के आर्टिकल 148 के अनुसार, चुने हुए प्रतिनिधियों को चुनाव का आधिकारिक परिणाम घोषित होने के तीन दिनों के भीतर शपथ लेनी होती है। 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के चुने हुए सदस्य मंगलवार को शपथ लेंगे और कैबिनेट भी उसी दिन शपथ लेगी। चुनाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में शेड्यूल की पुष्टि की है।
ढाका ट्रिब्यून ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार बनने के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। अनुभवी नेताओं के साथ-साथ, पार्टी युवा और बहुत पढ़े-लिखे नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां देने की योजना बना रही है। गृह मंत्रालय, कानून, वित्त और विदेश मामलों जैसे जरूरी मंत्रालयों में वरिष्ठ और नए नेतृत्व को जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।
बीएनपी के कई नीति बनाने वालों ने इशारा किया है कि कैबिनेट बहुत बड़ी नहीं होगी। इसमें 32 से 42 सदस्य होने की उम्मीद है। बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कैबिनेट बनाने के बारे में सीनियर नेताओं से सलाह-मशविरा शुरू कर दिया है।
बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि कैबिनेट का आखिरी रूप देखने के लिए देश को थोड़ा और इंतजार करना होगा। विदेश मंत्री के पद के लिए बीएनपी के संयुक्त महासचिव हुमायूं कबीर के नाम की चर्चा हो रही है। उन्होंने पार्टी के अंतरराष्ट्रीय मामलों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
वित्त मंत्री के पद के लिए डॉ. रेजा किबरिया के नाम पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वरिष्ठ अर्थशास्त्री के तौर पर काम किया था।
अमीर खसरू महमूद चौधरी को वाणिज्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह पद उन्होंने पहले भी संभाला था। बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को स्थानीय गवर्नमेंट मिनिस्ट्री देने पर विचार किया जा रहा है। उनके पास कृषि, उड्डयन और पर्यटन के लिए राज्य मंत्री के तौर पर अनुभव है।
इसके अलावा, पूर्व अटॉर्नी जनरल और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील मोहम्मद असदुज्जमां को कानून मंत्रालय, सलाहुद्दीन अहमद को गृह मंत्रालय, मिर्जा अब्बास को रोड ट्रांसपोर्ट और ब्रिज मंत्रालय दिया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग डॉ. एजेडएम जाहिद हुसैन, सूचना मंत्रालय रूहुल कबीर रिजवी को मिल सकता है। इसके अलावा नजरुल इस्लाम खान, डॉ. अब्दुल मोईन खान, गायेश्वर चंद्र रॉय, मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद तुकू, सलीमा रहमान, अंदलीव रहमान पार्थो, मिजानुर रहमान मीनू और शमा ओबैद जैसे नामों पर भी चर्चा हो रही है।
बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद राष्ट्रपति के पद में बदलाव हो सकता है। इस पद के लिए सीनियर स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ. खंडाकर मोशर्रफ हुसैन के नाम पर विचार किया जा रहा है।
वहीं, जोनायद साकी, इशराक हुसैन, अब्दुल अवल मिंटू, अंदलीव रहमान पार्थो, निताई रॉय चौधरी, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, शाहिद उद्दीन चौधरी अनी, अनिंद्य इस्लाम अमित, खंडाकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, उस्मान फारूक, बॉबी हज्जाज, हम्माम कादर चौधरी, नायाब यूसुफ, जहीर उद्दीन स्वपन, बैरिस्टर फरजाना शर्मीन पुतुल, नूरुल हक नूर, नौशाद जमीर, मीर हेलाल, असदुल हबीब दुलु, अली असगर लॉबी, रूहुल कुद्दुस तालुकदार दुलु और एमडी शरीफुल आलम के नामों की भी चर्चा है।
–आईएएनएस
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