Sunday, February 15, 2026

भारत-पाक मैच पर संजय राउत का तंज, कहा- मुकाबले का पैसा सट्टेबाजी के जरिए जा रहा पाकिस्तान


मुंबई, 15 फरवरी (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इन मैचों में बड़े स्तर पर सट्टेबाजी और जुआ खेला जाता है, जिसका पैसा आखिरकार पाकिस्तान जाता है। इसमें भाजपा सरकार को भी फायदा पहुंचता है।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने रविवार को प्रेसवार्ता कर आईसीसी चेयरमैन जय शाह और भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए इस मैच के आयोजन को ‘पैसे का खेल’ और ‘शहीदों का अपमान’ करार दिया है। जय शाह अमित शाह का बेटे हैं, इसलिए कोई कुछ नहीं बोल रहा है। अगर उनकी जगह कोई और होता, तो यही भाजपा आज सड़क पर होती।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तो रोक सकती है, लेकिन क्रिकेट मैच नहीं, क्योंकि इस मैच से करोड़ों रुपए आएंगे। यह भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं खेला जा रहा है, बल्कि यह जय शाह बनाम पाकिस्तान का मैच हो गया है। भारत के लोग इसे नहीं चाहते हैं। भारत की जनता भारत के पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए सहमत नहीं है।

संजय राउत ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच से क्रिकेट में सबसे ज्यादा सट्टेबाजी और जुआ होता है और पैसा भी पाकिस्तान जाता है। यहां तक ​​कि दलालों, खासकर भाजपा के नेताओं को भी इससे फायदा होता है। इसमें सबसे ज्यादा गुजरात और राजस्थान में लोग जुआ खेलते है। इसमें सरकार का भी सपोर्ट मिलता है, इसलिए ये लोग खेल रहे है।

उन्होंने कहा कि किसी से यह बात छुपी नहीं है कि पाकिस्तान आतंकवाद के लिए फंडिंग करता है और उसके बाद भारत में पहलगाम, पुलवामा, उरी और पठानकोट जैसे हमें देखने को मिलते हैं। यह बहुत बड़े स्तर पर चल रहा है और जनता को इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।

सांसद संजय राउत ने दावा किया कि पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में 25,000 करोड़ रुपए पाकिस्तान गया है। उसके बाद पाकिस्तान ने इस पैसे को फिर से आतंकवादियों तक पहुंचाया, जिससे भारत को ही नुकसान हो सकता है।

राउत ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोक दी, लेकिन क्रिकेट खेलने के लिए पाकिस्तान के साथ हाथ मिला लिया। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा का कोर एजेंडा क्या है? क्या मैच से पैसा कमाना ही आपका हिंदुत्व है?

–आईएएनएस

एसएके/एएसस


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