म्यूनिख, 14 फरवरी (आईएएनएस)। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी7 समूह के अपने समकक्षों संग अहम बैठक की। यहां उन्होंने भारत के यूएनएससी को सहयोग समेत साझा हितों पर बात की।
उन्होंने एक्स कुछ तस्वीरों के साथ पोस्ट लिख इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, म्यूनिख में जी7 के विदेश मंत्रियों से बात करके खुशी हुई। एजेंडे में यूएनएट80 था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए भारत के पूर्ण सहयोग की बात मैंने दोहराई।
विदेश मंत्री ने लिखा, “समुद्री कम्युनिकेशन लाइनों की सुरक्षा, फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर काम करने, बंदरगाह सुरक्षा को मजबूत करने और सबमरीन केबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मदद करने में हमारी भूमिका पर बल दिया। इस बातचीत में भारत और जी7 के बीच कई समानताएं और साझा हित पर भी मंथन हुआ।”
इसके साथ ही एस जयशंकर ने एक गोलमेज बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “म्यूनिख में आस्पेन के राउंडटेबल ’दिल्ली डिसाइड्स: मैपिंग इंडियाज पॉलिसी कैलकुलस’ के साथ अहम बैठक की। बहुध्रुवीय मांगों को पूरा करने के लिए एक तेज और बेजोड़ विदेश नीति की जरूरत पर जोर दिया। इस संबंध में इंडिया-ईयू एफटीए और इंडिया-यूएस ट्रेड डील के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया।
अनंता आस्पेन ने भी एक्स पोस्ट पर इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्री का आभार जताते हुए बताया, “चर्चा में भारत की विकास रणनीति, मुख्य सहयोगी के सामने मौजूद विकल्प, और वैश्विक गतिशीलता में आए बदलाव के साथ स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी क्यों एक स्थिर सहारा बनी हुई है, इस पर बात हुई।”
अनंता आस्पेन सेंटर भारत में स्थित एक प्रमुख गैर-लाभकारी और गैर-पक्षपाती संगठन है। इसे 2004 में स्थापित किया गया था। यह मूल्य-आधारित नेतृत्व और भारत के विकास से जुड़े सामाजिक-आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देता है। यह आस्पेन इंस्टीट्यूट, यूएसए, और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से काम करता है।
–आईएएनएस
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