Friday, February 13, 2026

भारत के बड़े शहरों में 2025 में घर खरीदने का फैसला लेने में लगा ज्यादा समय, सस्ते घरों में हुआ जल्दी फैसला: रिपोर्ट


नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। साल 2025 में भारत के बड़े शहरों में घर खरीदने का फैसला लेने में लोगों को पहले से ज्यादा समय लग रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1-2 करोड़ रुपए कीमत वाले घरों को खरीदने में सबसे ज्यादा समय लगा, जो औसतन 30 दिन रहा। साल 2024 में इसी कैटेगरी में यह समय 47 दिन था, यानी करीब 17 दिन की कमी आई है।

एनारॉक ग्रुप के एआई आधारित एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म एस्ट्रा की रिपोर्ट के अनुसार, घरों की कीमतें बढ़ने, बाजार में नए घरों की ज्यादा उपलब्धता और निवेश के दूसरे विकल्प आकर्षक होने की वजह से खरीदार अंतिम फैसला लेने में ज्यादा सोच-विचार कर रहे हैं।

एनारॉक ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार ने बताया कि 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक के घर खरीदने वाले लोगों ने औसतन 29 दिन में बुकिंग की। यह स्थिति 2024 में भी लगभग ऐसी ही थी। वहीं 3 करोड़ रुपए से कम कीमत वाले घरों में 2025 में औसतन 27 दिन लगे, जबकि 2024 में यही समय सबसे कम 17 दिन था।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव दिखाता है कि बाजार अब पूरी तरह विक्रेताओं के पक्ष में नहीं है। अब खरीदार ज्यादा सोच-समझकर और चुनकर फैसले ले रहे हैं, खासकर लग्जरी घरों के मामले में। बाजार में नए महंगे घरों की संख्या बढ़ने से खरीदारों के पास ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

हालांकि 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपए कीमत वाले घरों में सबसे तेज फैसला लिया गया। इस कैटेगरी में 2025 में औसतन सिर्फ 15 दिन लगे, जबकि 2024 में यही समय 28 दिन था। इसका कारण इस सेगमेंट में लोगों का भरोसा और सीमित सप्लाई के कारण जल्दी फैसला लेना माना जा रहा है।

सस्ते घरों यानी 50 लाख रुपए से कम कीमत वाले मकानों में भी खरीदारी का समय घटा है। 2024 में जहां औसतन 28 दिन लगते थे, वहीं 2025 में यह घटकर 19 दिन रह गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस सेगमेंट में नए घरों की संख्या कम होने की वजह से लोग जल्दी फैसला ले रहे हैं।

इसके अलावा, बड़े शहरों में किराया बढ़ने के कारण पहली बार घर खरीदने वाले लोग भी जल्दी निर्णय ले रहे हैं। आसान होम लोन, डिजिटल लोन प्रोसेस और बेहतर क्रेडिट सुविधा ने भी इसमें मदद की है।

विश्लेषण किए गए उपभोक्ता व्यवहार के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 से 2025 के बीच सबसे कम समय 2022 में लगा था, जब औसतन 22 दिन में खरीद का फैसला हुआ। वहीं सबसे ज्यादा समय 2020 में लगा था, जो 35 दिन रहा।

–आईएएनएस

डीबीपी/


Related Articles

Latest News