ग्रेटर नोएडा, 12 फरवरी (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाने की पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, कूटरचित दस्तावेज, नकली रबर मोहरें, कम्प्यूटर-प्रिंटर समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक युवक से रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 8 लाख रुपए ठग लिए थे। इतना ही नहीं, पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए उसे एक फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिया गया। जब पीड़ित को दस्तावेजों पर संदेह हुआ, तो उसने थाना बिसरख में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर थाना बिसरख में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 11 फरवरी 2026 को रेलवे फाटक चिपियाना बुजुर्ग के पास से दो अभियुक्तों, अश्वनी सारस्वत (46 वर्ष), निवासी जयपुरिया सोसायटी, क्रासिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद, और पवन चौधरी (30 वर्ष), निवासी ग्राम रुहनला, आस्था सिटी, सिकंदरा, आगरा, को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उनके तीसरे साथी आकिल उर्फ अयान (31 वर्ष), निवासी ग्राम नहाल, थाना मसूरी, गाजियाबाद को शाहबेरी क्षेत्र से दबोचा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोपी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, चरित्र प्रमाण पत्र, मेडिकल कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली जैसा दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 2 एंड्रॉयड मोबाइल, 1 एप्पल फोन, 3 कूटरचित रेलवे रबर मोहरें, 1 प्रिंटर, 1 सीपीयू, 1 एलईडी मॉनिटर, 8 फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, 4 कूटरचित आधार कार्ड, 15 फर्जी टिकट आईडी कार्ड, 3 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, 4 चरित्र प्रमाण पत्र, 2 इंडेमनिटी बॉन्ड, 2 डिपार्टमेंटल मेमो, 7 नोटिस, 1 मेडिकल कर्मचारी कार्ड, 1 चालान रसीद, 1 करेक्टर सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
इसके अलावा एक बिना नंबर की स्कूटी भी बरामद की गई, जिसे 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है।
–आईएएनएस
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