Saturday, February 14, 2026

मुर्शिदाबाद में मस्जिद का नाम बाबरी होने से प्रदेश हिंदू-मुस्लिम का अखाड़ा बन जाएगा: शहाबुद्दीन रजवी


बरेली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर सियासत तेज है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमीयत के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दावा किया कि अगर मस्जिद का नाम बाबरी रखा जाता है तो प्रदेश हिंदू-मुस्लिम का अखाड़ा बन जाएगा।

बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर मस्जिद जरूर बना सकते थे, क्योंकि मस्जिद बनाना एक नेक काम है, लेकिन इसका नाम ‘बाबरी मस्जिद’ नहीं होना चाहिए। अगर इसे यह नाम दिया गया, तो एक बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा। बंगाल हिंदू-मुस्लिम का अखाड़ा बन जाएगा। दो महीने बाद वहां विधानसभा चुनाव होने हैं, और इसमें हिंदू-मुस्लिम का रंग चढ़ा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मैं हुमायूं कबीर से कहना चाहता हूं कि मस्जिद का नाम ‘बाबरी’ रखकर किसी और के नाम पर रखें। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बाबर मुसलमानों का आदर्श या आइडियल नहीं था।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवाद थमा ही था कि मुर्शिदाबाद में फिर बाबरी मस्जिद का नाम लेकर नया विवाद शुरू हो रहा है। यह सिलसिला कितने साल चलेगा, कितने घरों में आग लगेगी, कितनी संपत्तियों को नुकसान होगा, यह हमें नहीं पता, क्योंकि हमने बाबरी मस्जिद के आंदोलन के दौरान शहरों में आग लगते देखा है, लोगों को रोते हुए देखा है, लोगों की बर्बादी देखी है, इसलिए मुर्शिदाबाद में मस्जिद का नाम ‘बाबरी’ नहीं रखना चाहिए।

बता दें कि हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद निर्माण का विरोध करने वालों पर कहा कि उनसे यही कहना है कि विरोध मत कीजिए। वह अपने धर्म के अनुसार मंदिर-चर्च जो चाहे बनाएं। इस्लाम की ओर से कोई विरोध नहीं करेगा। मस्जिद बनाना मेरा हक है। माहौल बहुत अच्छा है। अल्लाह की रहमत से काम अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है। कई लोग इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से मस्जिद का निर्माण शुरू होगा।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी


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