Tuesday, February 10, 2026

बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं की हत्या का दौर, लूट के बाद कारोबारी को बेरहमी से मार डाला


ढाका, 10 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई है। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को बताया कि मैमनसिंह जिले के त्रिशाल उपजिला में बदमाशों ने एक और हिंदू की हत्या कर दी

मृतक की पहचान 62 साल के सुशेन चंद्र सरकार के तौर पर हुई है, जो त्रिशाल में “एमएस. भाई-भाई एंटरप्राइजेज” नाम का बिजनेस चलाते थे।

यह घटना सोमवार रात को उपजिले के बोगर बाजार चौराहे पर हुई। परिवार के अनुसार बदमाश कई लाख बांग्लादेशी टका भी लूट कर ले गए।

राष्ट्रीय चुनाव से ठीक तीन दिन पहले हुई हत्या ने बांग्लादेश में हिंदुओं की चिंतनीय दशा की ओर इशारा किया है।

पीड़ित के परिवार और पुलिस के हवाले से, बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट आईटीवी ने बताया कि बदमाशों ने उपजिले के बोगर बाजार चौराहे पर सरकार को एक धारदार हथियार से काटकर मार डाला और दुकान का शटर बंद करके उसे अंदर छोड़ दिया। बाद में, परिवार वालों ने उसे खून से लथपथ हालत में देखा और उसे मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आईटीवी ने मृतक के बेटे सुजान सरकार के हवाले से बताया, “हमारे साथ किसी की कोई दुश्मनी नहीं थी। मेरे पिता को बेरहमी से मारने के बाद, बदमाश दुकान से कई लाख टका ले गए। चावल का बिजनेस लंबे समय से चल रहा था। हम इन हत्यारों के लिए कड़ी सज़ा की मांग करते हैं।”

घटना की पुष्टि करते हुए, त्रिशाल पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) मुहम्मद फिरोज हुसैन ने कहा, “बदमाशों ने रात करीब 11 बजे उन्हें एक धारदार हथियार से वार कर मार डाला और फिर दुकान का शटर बंद कर दिया। परिवार वालों ने तलाशी के दौरान शटर खोला और उन्हें खून से लथपथ पाया। बाद में, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का मुआयना किया। इस बारे में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

इससे पहले 9 जनवरी को, भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर बार-बार हो रहे हमलों के परेशान करने वाले पैटर्न पर गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि वह पड़ोसी देश में स्थिति पर नजर रख रहा है और उम्मीद करता है कि सांप्रदायिक हिंसा से सख्ती से निपटा जाएगा।

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के सत्ता पर काबिज होने के साथ ही हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है, जिससे दुनिया भर के लोगों और कई मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा है।

–आईएएनएस

केआर/


Related Articles

Latest News