Saturday, February 14, 2026

केरल: एलडीएफ और यूडीएफ ने केंद्रीय बजट को बताया ‘निराशाजनक’, जताई नाराज़गी


तिरुवनंतपुरम, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एक सुर में नाराज़गी जताई है। दोनों मोर्चों ने राज्य के लिए प्रस्तावित एम्स और हाई-स्पीड रेल परियोजना का जिक्र न होने पर बजट को “निराशाजनक” करार दिया।

केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने बजट को “बहुत बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य को मौजूदा वित्तीय संकट से उबारने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप देने में विफल रही है।

बालगोपाल ने कहा, “इस केंद्रीय बजट में केरल के लिए कोई बड़ी परियोजना नहीं है। यह राज्य के लोगों के लिए सबसे निराशाजनक बजट है।”

राज्य के राजनीतिक दलों ने बजट में घोषित कछुआ संरक्षण परियोजना की भी आलोचना की और इसके क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर सवाल उठाए।

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने इस पहल का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को कोई विशेष लाभ नहीं होगा। उन्होंने दुर्लभ खनिज कॉरिडोर के प्रस्ताव पर भी “संदेह” जताया और मांग की कि केंद्र सरकार को खनिज से जुड़ी किसी भी परियोजना पर राज्य सरकार से परामर्श करना चाहिए।

सतीशन ने आरोप लगाया, “हमें आशंका है कि यह मिनरल कॉरिडोर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों की ओर मोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। केंद्र ने केरल की विकास जरूरतों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया है।”

कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने कहा कि बुनियादी ढांचे के बदले कछुआ परियोजना की घोषणा करना राज्य का “अपमान” है।

इस बीच, सीपीआई-एम के राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन और गरीबों के जीवन स्तर में सुधार को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं है।

हालांकि, बजट में नारियल विकास, कोको और काजू परियोजनाओं को लेकर कुछ राहत की घोषणाएं की गई हैं। इसके अलावा, 16वें वित्त आयोग के तहत केरल के लिए केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 1.92 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.38 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे राज्य का आवंटन बढ़कर 36,500 करोड़ रुपये हो गया है।

केंद्र सरकार का बचाव करते हुए राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह कहना गलत है कि केरल को कुछ भी नहीं मिला। जब उनसे हाई-स्पीड रेल परियोजना को बजट में शामिल न किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “रिपोर्टिंग के जरिए एजेंडा तय न किया जाए।”

–आईएएनएस

डीएससी


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