यूरोपीय राजनीतिक नेताओं की लगातार चीन यात्राओं के पीछे का रहस्य


बीजिंग, 31 जनवरी (आईएएनएस)। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 28 से 31 जनवरी तक चीन की आधिकारिक यात्रा की। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 29 जनवरी को चीन की राजधानी पेइचिंग में उनसे मुलाकात की।

दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक, स्थिर और व्यापक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे चीन-ब्रिटेन सहयोग की “महान क्षमता” को “महत्वपूर्ण उपलब्धियों” में परिवर्तित किया जा सके। इस दौरान कई सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए, जिससे चीन-ब्रिटेन सम्बंधों और सहयोग में एक नया अध्याय खुल गया।

बताया जाता है कि पिछले साल के अंत से कई यूरोपीय नेताओं ने एक एक करके चीन का दौरा किया है। स्पेन और फ्रांस से लेकर आयरलैंड, फिनलैंड और ब्रिटेन तक, ये देश भौगोलिक रूप से दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी यूरोप को कवर करते हैं, और यूरोप में प्रतिनिधि और प्रभावशाली हैं।

यह कोई संयोग नहीं है कि यूरोपीय नेता एक के बाद एक चीन में आए हैं। इस वर्ष चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत हो रही है, और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देना और उच्च स्तरीय खुलेपन का दृढ़ता से विस्तार करना ऐसे स्पष्ट संदेश हैं जो चीन दुनिया को भेज रहा है। वर्तमान में, यूरोपीय देश आम तौर पर धीमी वृद्धि की समस्या का सामना कर रहे हैं और अपनी अर्थव्यवस्थाओं में गति लाने के लिए चीन के विकास की “तेज़ रफ्तार” का लाभ उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्थिति की दृष्टिकोण से, एकतरफावाद, संरक्षणवाद और सत्ता की राजनीति की पृष्ठभूमि में, यूरोप ने प्रमुख शक्तियों के साथ सम्बंधों को समायोजित और संतुलित करने तथा चीन के साथ अधिक तर्कसंगत और व्यावहारिक तरीके से निपटने की आवश्यकता को महसूस किया है। यूरोपीय नेताओं का “पूर्व की ओर उन्मुख होना” चीन के अनूठे आकर्षण को दर्शाता है। परिवर्तनशील विश्व में, चीन अमूल्य स्थिरता और पूर्वानुमानित विकास प्रदान करता है, जो पश्चिमी देशों के लिए एक दुर्लभ संसाधन है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

डीकेपी/


Related Articles

Latest News