जालंधर, 29 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाबी सूफी सिंगर और भाजपा के पूर्व सांसद हंस राज हंस ने एक कार्यक्रम में श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें गुरुपर्व की बधाई दी।
सिंगर ने अपने राजनीतिक करियर के बारे में बात की और कहा कि अब उन्होंने राजनीति के बारे में सोचना बंद कर दिया है और सिर्फ अच्छे गानों पर फोकस कर रहे हैं।
श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें गुरुपर्व पर बधाई देते हुए भाजपा के पूर्व सांसद और गायक हंस राज हंस ने कहा, ”गुरु रविदास महाराज जी का गुरुपर्व, क्रांतिकारी गुरु का गुरुपर्व, गरीबों के मसीहा, जिन्होंने भेदभाव का उन्मूलन किया और बेगमपुरा का संकल्प लिया। बेगमपुरा एक ऐसा शब्द है, जिसे याद रखा जाए तो वह राष्ट्रगान बन सकता है, जिसमें न कोई भेद है और न ही ऊंच। उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई हो।”
राजनीति को लेकर गायक हंस राज हंस ने कहा, ”मैं इस विषय को भूल चुका हूं। मुझे नहीं पता कि चुनाव कहां हो रहे हैं, कौन जीत रहा है और कौन हार रहा है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं जितने समय तक राजनीति में रहा, खुद को जस्टिफाई करने की कोशिश करता रहा, लेकिन अब सिर्फ संगीत के बारे में ही सोचता हूं। मैं अब राजनीति के बारे में कुछ नहीं सोचता।
उन्होंने पीएम मोदी के दौरे से पहले खालिस्तानी संगठन की धमकी को लेकर भी चिंता जताई।
गायक हंस राज हंस का राजनीति से गहरा नाता रहा है। गायक ने साल 2009 में सबसे पहले पंजाब की क्षेत्रीय राजनीतिक दल शिरोमणि अकाली दल का हिस्सा बनकर राजनीति में कदम रखा था और उनकी सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, गायक पहला चुनाव ही हार गए थे। कुछ साल पार्टी में रहने के बाद सिंगर ने साल 2016 में कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। हालांकि, कुछ महीनों बाद साल 2016 में ही उन्होंने पार्टी में अपनी जगह को लेकर चल रही तनातनी के बीच भाजपा का दामन थाम लिया।
गायक भाजपा के हर प्रचार में दिखे और उन्होंने पीएम मोदी के लिए गाना भी गाया था, जिसके बाद साल 2019 में दिल्ली की उत्तर-पश्चिम सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला और उन्होंने जीत हासिल की।
–आईएएनएस
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