मुंबई, 29 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय टेलीविजन की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही मेहनत और थकान से भरी होती है। कलाकारों की जिंदगी कैमरे के सामने मुस्कान से भरी दिखती है, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी दिनचर्या बेहद कड़ी होती है। इस बीच लोकप्रिय अभिनेता करण पटेल ने डेली शोज से कुछ समय के लिए दूरी बनाने के फैसले पर आईएएनएस से खुलकर बात की।
आईएएनएस से बात करते हुए करण पटेल ने कहा, ”एक समय ऐसा आया, जब मुझे महसूस हुआ कि मैं बिना सोचे-समझे बस काम करता चला जा रहा हूं। मैं खुद को ऑटो पायलट मोड में महसूस करने लगा था, जहां रोज का काम एक ही ढर्रे पर चलता रहता है और इंसान यह भूल जाता है कि वह अपने लिए क्या चाहता है। मुझे डेली सोप से बेहद प्यार है, लेकिन यह काम शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत ज्यादा थका देने वाला होता है।”
करण ने कहा, ”मेरा फैसला किसी अचानक आई थकान का नतीजा नहीं था। मैं खुद से दोबारा जुड़ना चाहता था और सेट की चार दीवारों से बाहर की जिंदगी को फिर से महसूस करना चाहता था। यह ब्रेक काम छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि खुद को दोबारा संतुलित करने का तरीका है। मेरा मानना है कि हर इंसान को कभी-कभी रुककर यह समझने की जरूरत होती है कि वह क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है।”
आईएएनएस से बात करते हुए करण पटेल ने अपने लंबे करियर को याद किया और कहा, ”शुरुआती दिनों में मैं बहुत जोशीला था। हर हाल में खुद को साबित करना चाहता था और जल्दी आगे बढ़ना चाहता था। उस समय मुझमें धैर्य की कमी थी, हालांकि समय और अनुभव ने मुझे सिखाया कि सफलता की असली कुंजी सब्र और विनम्रता है।”
करण ने कहा, “धीरे-धीरे मैंने समझा कि करियर में तेज दौड़ने से ज्यादा जरूरी है लगातार सही दिशा में चलते रहना। मैंने काम करने की प्रक्रिया, शूटिंग टीम, और टीवी जैसे माध्यम की अहमियत को समझा। टीवी इंडस्ट्री बहुत मुश्किल होती है, क्योंकि यहां रोज काम करना पड़ता है। काम के लंबे घंटे होते हैं और दबाव भी बहुत होता है, लेकिन यही चीज कलाकार को मजबूत और अनुशासित बनाती है।”
–आईएएनएस
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