Wednesday, January 28, 2026

सरकार का निर्देश: नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन में आधिकारिक लोगो के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक


नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने सभी मान्यता प्राप्त नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनएसएफ) को निर्देश दिया है कि वे राज्य प्रतीक और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के लोगो या प्रतीक चिन्हों का अनाधिकृत इस्तेमाल तुरंत बंद करें।

यह देखा गया कि कुछ एनएसएफ अपने लेटरहेड, वेबसाइट, विजिटिंग कार्ड और अन्य संचार सामग्री पर सरकारी लोगो और प्रतीक चिन्हों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे यह गलत धारणा बन रही है कि वे भारत सरकार या साई का सीधा हिस्सा हैं, जो अनधिकृत इस्तेमाल है और भारत के राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के प्रावधानों के खिलाफ है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हालांकि एनएसएफ को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और वे वित्तीय और अन्य प्रकार की सहायता के हकदार हैं, लेकिन ऐसी मान्यता या समर्थन उन्हें भारत सरकार, मंत्रालय या साई के नाम, प्रतीक चिन्ह या लोगो को अपनी आधिकारिक स्टेशनरी या डिजिटल प्लेटफॉर्म के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं देता।

एनएसएफ आधिकारिक लोगो या प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल किए बगैर सिर्फ मंत्रालय द्वारा अपनी मान्यता का टेक्स्ट में उल्लेख कर सकते हैं।

एनएसएफ को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि सरकार और साई के लोगो का इस्तेमाल निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार सिर्फ इवेंट-विशिष्ट प्रचार सामग्री, जैसे बैनर, बैकड्रॉप, विज्ञापन, साइनेज या स्मृति चिन्ह के लिए किया जा सकता है, और वह भी सिर्फ उन मामलों में जहां वित्तीय सहायता प्रदान की गई है या औपचारिक मान्यता दी गई है।

इसके अलावा, सभी एनएसएफ को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे फिजिकल और डिजिटल प्लेटफॉर्म से अनाधिकृत लोगो को तुरंत हटा दें और यह सुनिश्चित करें कि भारत सरकार या साई के साथ उनके जुड़ाव को किसी भी तरह से गलत तरीके से पेश न किया जाए। एनएसएफ के अध्यक्षों और महासचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अपनी संबद्ध राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इकाइयों द्वारा भी नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों के उल्लंघन पर मौजूदा दिशानिर्देशों और लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें मान्यता रद्द करना या वित्तीय सहायता रोकना शामिल है।

–आईएएनएस

आरएसजी


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