नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) ट्रेड डील से विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच विकास के साथ सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और इससे पूरे वैश्विक समुदाय को फायदा होगा। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार को दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर की गई पोस्ट में इसे मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील बताया गया।
पोस्ट के साथ जारी किए गए पोस्टर में कहा गया कि इससे 75 अरब डॉलर (6.41 लाख करोड़ रुपए) के निर्यात के रास्ते खुलेंगे। ईयू की 9,425 लाइनों पर भारतीय निर्यात के लिए टैरिफ खत्म होगा।
साथ ही बताया गया कि इससे भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और एमएसएमई के लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे और यूरोप के हाई-वैल्यू ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
प्रधानमंत्री की ओर से जारी किए पोस्टर में आगे कहा गया कि भारत-ईयू ट्रेड डील से भारतीय निर्यात मूल्य के 99 प्रतिशत हिस्से को ईयू में ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी।
दोनों देशों के बीच हुए ट्रेड समझौते से भारत को यूरोप के आईटी, फाइनेंशियल और शिक्षा जैसे सब-सेक्टर्स तक पहुंच मिलेगी।
यह समझौता छात्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी पोस्टर में बताया गया कि इस डील के तहत छात्रों को शिक्षा के बाद नौ महीने का गारंटीड वीजा की व्यवस्था की गई है।
इस समझौते के तहत ईयू और भारत एआई, क्लीन टेक और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में कॉरपोरेशन को मजबूत करेंगे।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।
–आईएएनएस
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