लॉस एंजिल्स, 27 जनवरी (आईएएनएस)। हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री केट विंसलेट का कहना है कि परदे पर गहरे और मुश्किल किरदार निभाने के बाद उन्हें अपनी असली जिंदगी में लौटने में काफी मुश्किल होती है।
ऑस्कर पुरस्कार जीत चुकी केट विंसलेट ने ‘लेसन्स फ्रॉम अवर मदर्स’ नाम के पॉडकास्ट में कहा कि एक कलाकार के तौर वह कुछ अनुभवों के बारे में बहुत कम बात करती हैं, क्योंकि यह बात उन्हें खुद भी कुछ ज्यादा निजी लगती है। उन्होंने बताया कि जब कोई अभिनेता बहुत कठिन किरदार निभाता है, तो उससे बाहर निकलना आसान नहीं होता। उन्होंने अपनी वेब सीरीज ‘मेयर ऑफ ईस्टटाउन’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस भूमिका ने उन्हें अंदर तक थका दिया था।
केट ने बताया ऐसे किरदार निभाने के बाद उन्हें जिंदगी में फिर से “री-एंट्री” करनी पड़ती है; यानी दोबारा अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौटना। इसका मतलब है फिर से अपनी दोस्ती निभाना, परिवार की दिनचर्या में लौटना और उस किरदार को पीछे छोड़ देना, जिसे उन्होंने लंबे समय तक जिया हो। उन्होंने कहा कि किसी किरदार को अपने अंदर से पूरी तरह अलग होने में वक्त लगता है, खासकर तब, जब टेलीविजन के लिए वह भूमिका लंबे समय तक निभाई गई हो।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि साल 2021 में आई ‘मेयर ऑफ ईस्टटाउन’ में काम करने के बाद उन्हें पेशेवर मदद लेनी पड़ी। इस सीरीज की शूटिंग कोरोना महामारी की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुई थी। उन्होंने बताया कि यह शूटिंग छह महीने में पूरी होनी थी, लेकिन महामारी के कारण काम रुक गया और फिर जब दोबारा शुरू हुआ, तो बचे हुए पांच हफ्ते बढ़कर दस हफ्ते हो गए।
केट ने याद करते हुए कहा कि अंत तक वह उस किरदार को एक साल से भी ज्यादा समय तक निभा चुकी थीं। इसका असर उनके मानसिक संतुलन पर पड़ा और उन्हें लगा कि वह खुद से दूर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिंदगी का इकलौता मौका था, जब उन्हें सच में खुद को संभालने के लिए पेशेवर मदद की जरूरत पड़ी।
उन्होंने यह भी माना कि इस बारे में बात करना उन्हें अटपटा लगता है, क्योंकि बाहर से देखने वालों को यह बात अजीब या जरूरत से ज्यादा भावुक लग सकती है।
केट विंसलेट के 22 वर्षीय बेटे जो एंडर्स भी अब अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। जो एंडर्स के पिता केट के पूर्व पति सैम मेंडेस हैं। जो नई सीरीज ‘केप फियर’ में काम कर रहे हैं। केट ने बताया कि बेटे के इस दौर में वह उसे पूरा सहारा दे पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनका बेटा भी अभी उसी “री-एंट्री” के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में मां होने का एहसास फिर से बहुत गहराई से जाग जाता है। उन्होंने बताया कि वह बेटे को अच्छे खाने, सैर करने और आराम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अगर बात करने का मन न हो या पूरा दिन बिस्तर में रहना चाहें, तो वह भी बिल्कुल ठीक है। केट का मानना है कि कभी-कभी कुछ न करना भी ठीक होता है और खुद को इसके लिए दोषी महसूस नहीं करना चाहिए।
–आईएएनएस
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