पटना, 27 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने पार्टी की मौजूदा स्थिति, गांधी परिवार की कार्यशैली और यूथ कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई अहम खुलासे किए हैं। पटना में मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपने अनुभव साझा किए और कहा कि पार्टी आज गहरे संकट के दौर से गुजर रही है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बारे में बात करते हुए शकील अहमद ने कहा कि उन्होंने उन्हें काफी पहले फोन कर एक बैठक में आमंत्रित किया था। वह उस बैठक में शामिल हुईं, लेकिन उसके बाद औपचारिक मुलाकातों के अलावा दोनों के बीच कोई विशेष संवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उनकी बातें सीधे दिल को छू जाती हैं और उनकी भाषण शैली बेहद प्रभावशाली है।
सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की कांग्रेस, नरसिम्हा राव की कांग्रेस और सीताराम केसरी की कांग्रेस को एकजुट कर एक मजबूत संगठन खड़ा किया। उन्होंने याद दिलाया कि 1999 में कांग्रेस की हालत बेहद कमजोर थी, लेकिन सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 2004 में देश की सत्ता में वापसी की। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की खासियत यह थी कि यदि वह दिल्ली में होती थीं और व्यस्त नहीं रहती थीं, तो देशभर से आए आम कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलती थीं।
राहुल गांधी की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी चुनिंदा लोगों से ही मिलते हैं। यदि कोई उनसे मिलने का समय मांगता है तो पहले उस व्यक्ति की जानकारी बिहार प्रभारी से ली जाती है और यदि प्रभारी को लगता है कि वह व्यक्ति नेतृत्व की प्रशंसा करेगा, तभी समय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से जब भी उनकी मुलाकात होती थी, वह पुराने संदर्भों को याद कर सवाल करती थीं और व्यक्तिगत संवाद बनाए रखती थीं।
इस दौरान शकील अहमद ने यूथ कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें फोन पर जानकारी दी गई कि दिल्ली से उनके खिलाफ हमले का आदेश आया है। उन्होंने दावा किया कि पटना और मधुबनी में उनके घरों पर हमले की योजना बनाई गई है, जिसकी सूचना उन्होंने प्रशासन को दे दी है। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है कि शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उनका पुतला जलाया जाएगा और जोरदार विरोध किया जाएगा। हालांकि, पुतला जलाने पर आपत्ति जताते हुए शकील अहमद ने कहा कि मैं एक मुसलमान हूं। अगर मुझे खत्म करना है तो मुझे दफनाना होगा, पुतला जलाना मेरे धर्म का अपमान है। इस तरह की हरकतें मेरे धर्म को भ्रष्ट करने जैसी हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक कांग्रेस के सदस्य रहे और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे, इसके बावजूद यदि यूथ कांग्रेस उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर रही है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सीधे तौर पर शीर्ष नेतृत्व के कहने पर किया जा रहा है।
कांग्रेस के भविष्य को लेकर शकील अहमद ने चिंता जताते हुए कहा कि पार्टी की हालत बेहद खराब है और वह पहले से ही एक दूसरा विकल्प बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भविष्य भगवान के हाथ में है, लेकिन मौजूदा हालात पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं दे रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए शकील अहमद ने बताया कि जब वह पहली बार मोदी से मिले तो उन्हें लगा कि प्रधानमंत्री उन्हें पहचानेंगे नहीं। हाथ मिलाते हुए उन्होंने अपना परिचय दिया, जिस पर पीएम मोदी ने उनसे कहा कि आप मेरे बारे में बहुत बुरी बातें कहते हैं। इस पर शकील अहमद ने जवाब दिया था कि मेरा काम ही आपके बारे में बुरी बातें कहना है। उन्होंने कहा कि उस समय वह मंत्री और पार्टी प्रवक्ता रह चुके थे।
–आईएएनएस
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