Monday, February 16, 2026

बुलंदशहर में मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पांच दोषी करार, कोर्ट 22 को सुनाएगी सजा


बुलंदशहर, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। बुलंदशहर के बहुचर्चित मां-बेटी गैंगरेप मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य पोक्सो कोर्ट ने इस मामले में पांच लोगों को दोषी करार दिया है। यह घटना 28 जुलाई 2016 की है, जब एनएच91 पर एक परिवार को बंधक बनाकर मां और बेटी से गैंगरेप किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर पुलिस ने शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से तीन को बाद में सीबीआई जांच में क्लीनचिट दे दी गई थी। जांच के दौरान दो आरोपियों को हरियाणा और नोएडा में अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में ढेर किया जा चुका है, जबकि ट्रायल के दौरान एक अन्य आरोपी की मौत हो गई थी। इस तरह अदालत के सामने कुल पांच आरोपियों का ही मुकदमा चला।

कोर्ट ने पांचों को भारतीय दंड संहिता की धारा 394, 395, 397, 376डी, 120बी और पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत दोषी पाया। अदालत ने बताया कि सभी दोषियों को 22 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।

एडीजीसी वरुण कौशिक ने आईएएनएस को बताया कि घटना के दिन पीड़ित परिवार नोएडा से शाहजहांपुर एक तेरहवीं में शामिल होने के जा रहा था। दोषपुर के पास 5 से 6 लोगों ने गन पॉइंट पर परिवार को बंधक बना लिया था। पीड़िता के ताऊ, पीड़िता के भाई को गाड़ी से निकालकर मारपीट की और उनके जंगल में ले जाकर पीटा गया।

उन्होंने बताया कि तीन महिलाओं को जंगल में ले जाया गया, जिसमें पीड़िता, उसकी मां और ताई शामिल थीं। सलीम बाबरिया नाम के आरोपी ने सबसे पहले पीड़िता के साथ बलात्कार किया था। तब पीड़िता की उम्र महज 14 साल थी।

एडीजीसी ने बताया कि पीड़िता ने विरोध किया तो उसके विरोध को रोकने के लिए आरोपियों ने उसके पिता के साथ मारपीट की और उसके मां के साथ दो लोगों ने बलात्कार किया। ये दरिंदगी करीब दो से ढाई घंटे तक चलती रही। 100 नंबर पर फोन कर मदद मांगने की कोशिश हुई लेकिन किसी ने फोन ही नहीं उठाया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने अपने दोस्त को फोन किया। दोस्त ने तुरंत कप्तान साहब को फोन किया, तब जाकर पुलिस की मदद पहुंची।

इसके बाद पीड़ित पक्ष को अस्पताल ले जाया गया। हम सभी पांच दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग करेंगे।

एडीजीसी ने बताया कि सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर पीड़ित के कपड़ों से मिले आरोपियों के डीएनए सैंपल सबसे अधिक मददगार साबित हुए। इसके साथ ही 25 गवाहों को भी पेश किया गया।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी


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