Monday, February 16, 2026

तमिलनाडु: नमक्कल में अंडों की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, पोंगल तक महंगे रहने के आसार


चेन्नई, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नमक्कल जिले में अंडों की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। एशिया के सबसे बड़े पोल्ट्री हब में शामिल नमक्कल में सोमवार को अंडे का फार्म-गेट दाम 6.25 प्रति अंडा तक पहुंच गया। नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (एनईसीसी) के अनुसार, यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। एनईसीसी के नमक्कल जोन के चेयरमैन के. सिंगराज ने संशोधित दर की पुष्टि की है।

पोल्ट्री उद्योग से जुड़े जानकारों के मुताबिक, अंडों की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले एक महीने से जारी क्रमिक तेजी का नतीजा है। नमक्कल में 17 नवंबर को पहली बार अंडे की कीमत 6 रुपए प्रति अंडा तक पहुंची थी, जिसे पोल्ट्री सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव माना गया। इसके बाद 21 नवंबर को दाम बढ़कर 6.10 रुपए हो गया।

खास बात यह रही कि 6.10 रुपए की कीमत 22 दिनों तक, यानी 12 दिसंबर तक लगातार बनी रही। इतनी ऊंची कीमत पर इतने लंबे समय तक स्थिरता रहना नमक्कल के पोल्ट्री इतिहास में दुर्लभ माना जा रहा है। इसके बाद 13 दिसंबर को कीमत बढ़कर 6.15 रुपए हुई और 14 दिसंबर को 6.20 रुपए तक पहुंच गई। अब 15 दिसंबर से 6.25 रुपए प्रति अंडा की नई दर लागू हो गई है, जिसने एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

एनईसीसी के पदाधिकारियों ने बताया कि अंडों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे कई मौसमी और बाजार से जुड़े कारण हैं। सर्दियों के मौसम में आमतौर पर अंडों की मांग बढ़ जाती है। इसके साथ ही क्रिसमस और नए साल के त्योहारों के चलते खपत में और इजाफा हुआ है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के बाजारों में अंडों की बेहतर आवाजाही और निर्यात मांग के स्थिर बने रहने से भी कीमतों को मजबूती मिली है। एनईसीसी अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस बार सबरीमाला तीर्थयात्रा के बावजूद अंडों की मांग पर खास असर नहीं पड़ा है।

आमतौर पर सबरीमाला यात्रा के दौरान तमिलनाडु और केरल में अंडों की खपत में गिरावट देखी जाती है, क्योंकि कई श्रद्धालु इस दौरान विशेष आहार नियमों का पालन करते हैं। लेकिन इस साल यह पारंपरिक गिरावट देखने को नहीं मिली और मांग लगभग स्थिर बनी हुई है।

मौजूदा हालात को देखते हुए ईनईसीसी का अनुमान है कि अंडों की कीमतों में फिलहाल कमी आने की संभावना कम है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आपूर्ति या खपत में कोई बड़ा और अचानक बदलाव नहीं होता, तब तक पोंगल त्योहार, जो जनवरी के मध्य में आता है, अंडों के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं।

पोल्ट्री उद्योग में अंडे और चिकन की दैनिक कीमतें आमतौर पर मांग, आपूर्ति और बाजार संकेतों के आधार पर तय की जाती हैं। फिलहाल मांग आपूर्ति से अधिक बनी हुई है, ऐसे में उत्पादकों को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में मौजूदा कीमतें बरकरार रहेंगी।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस


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