Monday, February 16, 2026

ऑपरेशन सागर बंधु: मुसीबत में भारतीय सेना सबसे बड़ा सहारा, श्रीलंकाई लोगों ने जताया आभार


कोलंबो, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद श्रीलंका में स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना और भारत सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि तूफान ने घरों, स्कूलों और सड़कों को तहस-नहस कर दिया, जिससे पूरा इलाका अलग-थलग पड़ गया था।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “भारतीय सेना और भारत सरकार ने हमारी मदद की और जिंदगी बचाई। हमारा गांव बुरी तरह प्रभावित हुआ था और बच्चों के स्कूल जाने वाला रास्ता भी बह गया था। ऐसे कठिन समय में भारत ने हर संभव मदद पहुंचाई।”

बता दें कि भारतीय सेना ने सबसे प्रभावित क्षेत्रों में एक पूर्ण सुसज्जित फील्ड अस्पताल स्थापित किया है, जहां हजारों लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। कोलंबो से आपदा क्षेत्र तक पहुंचने में सड़कों के बह जाने, पुलों के टूटने और संचार व्यवस्था ठप होने के बावजूद भारतीय राहत दल ने 18 घंटे की कठिन यात्रा पूरी की।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह नष्ट होने के कारण सेना ने एक खाली पार्किंग स्थल को हाई-टेक मेडिकल फैसिलिटी में बदल दिया, जिसे पोर्टेबल जेनरेटर और पुनर्स्थापित संचार केंद्र से संचालित किया गया।

दल का नेतृत्व कर रहे लेफ्टिनेंट कर्नल जगनीत गिल ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच संयुक्त प्रयासों से राहत कार्य को गति मिली है। इंजीनियरों और मेडिकल टीमों ने पूरी रात लगकर शेल्टर, ऑपरेशन थिएटर, एचवीएसी युक्त मेडिकल टेंट और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं स्थापित कीं।

क्षेत्रीय हालात का तेजी से आकलन करने और मरीजों को सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए सर्विलांस ड्रोन भी तैनात किए गए।

फील्ड अस्पताल को शीघ्र ही बहु-विशेषता केंद्र के रूप में विस्तारित किया गया, जहां सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, डेंटल केयर, एक्स-रे और कई ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने क्षतिग्रस्त पुलों को हटाने, बेली ब्रिज के घटकों के परिवहन और सड़क संपर्क बहाल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को तेज किया है। इसके अलावा, पेयजल आपूर्ति बहाल करने, संचार लाइनों को दुरुस्त करने और जरूरी अधिरचना को फिर से खड़ा करने में भी सेना महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

–आईएएनएस

डीएससी


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