Monday, February 16, 2026

आम पाकिस्तानी अपने देश की पुलिस को मानता है भ्रष्ट : इंटरनेशनल सर्वे


इस्लामाबाद, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के विभिन्न विभाग भ्रष्टाचार के गहरे जाल में फंसे हैं। इनमें से पुलिस सबसे ज्यादा भ्रष्ट है। भ्रष्टाचार के मामले में दूसरा नंबर निविदा का है, फिर प्रोक्योरमेंट सेक्टर का, और न्यायपालिका चौथे नंबर पर आती है। यानी सत्ता के लगभग हर उस सेक्टर में भ्रष्टाचार का बोलबाला है जिससे आवाम को राहत की उम्मीद होती है। विभिन्न प्रांतों के बाशिंदों की सोच विभिन्न सेक्टर्स को लेकर कुछ खास उत्साहजनक नहीं है।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने मंगलवार को जारी सालाना सर्वे रिपोर्ट में ये अहम जानकारी दी। टीआई की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, ‘नेशनल करप्शन परसेप्शन सर्वे’ का मकसद जरूरी गवर्नेंस मुद्दों पर जनता की धारणा को समझना था।

सर्वे में शामिल 4,000 लोगों (हर प्रांत से 1,000) में से 24 फीसदी का मानना ​​था कि पुलिस विभाग सबसे भ्रष्ट है, जिसमें पंजाब प्रांत सबसे आगे है, यहां 34 फीसदी लोगों ने माना कि सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसके बाद बलूचिस्तान में 22 फीसदी, सिंध में 21 फीसदी और खैबर पख्तूनख्वा में 20 फीसदी थी।

पुलिस के बाद टेंडर और प्रोक्योरमेंट (खरीद) सेक्टर था, जहां 16 फीसदी लोगों ने माना कि ये सेक्टर भ्रष्ट है। बलूचिस्तान में 23 प्रतिशत, केपी में 18 प्रतिशत, सिंध में 14 फीसदी और पंजाब में 9 फीसदी लोगों का कहना था कि इन सेक्टर्स में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

प्रेस रिलीज के मुताबिक, सर्वे से यह भी पता चला कि लगभग 77 फीसदी लोगों को सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी कोशिशों पर भरोसा न के बराबर है। वो इससे “कम संतुष्ट” दिखे।

पब्लिक सर्विस पाने के लिए सबसे ज्यादा रिश्वत सिंध में दर्ज की गई, जहां 46 फीसदी लोगों ने रिश्वत देने के लिए मजबूर महसूस किया। पंजाब में यह संख्या 39 फीसदी और केपी में 20 फीसदी थी।

नतीजों से यह भी पता चला कि जवाबदेही की कमी, पारदर्शिता और जानकारी तक सीमित पहुंच, और भ्रष्टाचार के मामलों को निपटाने में देरी देश में भ्रष्टाचार के “बड़े कारण” थे।

सीपीआई (करप्शन परसेप्शन इंडेक्स) 2024 रिपोर्ट के मुताबिक भारत का हाल पाकिस्तान से बेहतर है। इस सूचकांक में भारत 180 देशों की सूची में 96वें स्थान पर है जबकि इसका स्कोर 38 है, जिससे यूं समझा जा सकता है कि भारत में भ्रष्टाचार की दर मध्यम स्तर की है। वहीं पाकिस्तान 180 में 135वें पायदान पर है और इसका स्कोर 27 है, जिससे स्पष्ट है कि भारत से अधिक भ्रष्ट पाकिस्तान को समझा जाता है।

–आईएएनएस

केआर/


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