भुवनेश्वर, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में इंटरनेट बंद कर दिया गया है, क्योंकि जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति, खासकर एमवी-26 गांव में सोमवार को और बिगड़ गई। यह घटना दुदुमेटला के पास पोटेरू नदी से एक महिला की लाश मिलने से जुड़ी अशांति के बाद हुई।
डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने ऑफिशियल एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में लिखा, “आम लोगों को यह बताया जाता है कि आज शाम 6 बजे से अगले 24 घंटों के लिए पूरे जिले में इंटरनेट सर्विस बंद रहेंगी।”
डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने बीएनएसएस एक्ट के सेक्शन 163 के तहत इलाके में रोक भी लगा दी है। हालात सामान्य करने के लिए मलकानगिरी पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।
मलकानगिरी के पुलिस सुपरिटेंडेंट, विनोद पाटिल एच ने सभी लोगों से शांत रहने और किसी भी तरह की हिंसा से बचने की अपील की है।
खबर है कि पारंपरिक हथियारों से लैस 5 हजार से ज्यादा आदिवासी लोग पास के एमवी-25 गांव में इकट्ठा हुए और जमावड़े के कुछ हिस्से हिंसक हो गए। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे एमवी-26 और राखलगुडा गांवों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया।
यह हिंसा राखलगुडा गांव के रहने वाले लेक पदियामी की हत्या से जुड़ी है, जिसकी बिना सिर वाली बॉडी करीब चार दिन पहले नदी से मिली थी। पीड़ित के लापता होने की रिपोर्ट कोरुकोंडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी।
विरोध कर रहे आदिवासियों ने आरोप लगाया कि एमवी-26 गांव के सुका रंजन मंडल ने कथित तौर पर प्रॉपर्टी के झगड़े में मृतक पदियामी की हत्या कर दी।
इससे पहले, बदमाशों ने कथित तौर पर एमवी-26 गांव में प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया और घास के ढेर और घरों में आग लगा दी, जिससे रविवार को हालात काफी बिगड़ गए। इसके बाद इलाके में जारी अशांति ने इलाके में लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इसके जवाब में प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की 8 प्लाटून और बीएसएफF की दो प्लाटून तैनात की हैं।
मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ, मौके पर मौजूद हैं और हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। पुलिस ने संवेदनशील गांवों में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।
–आईएएनएस
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