Sunday, February 15, 2026

महंगे दूध के चलते बढ़ी डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमत, सरकार राहत देने के लिए कर रही आयात पर विचार


High Milk Prices: दूध की कीमतों में उछाल के चलते लगातार महंगे हो रहे डेयरी प्रोडक्ट्स की महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार डेयरी प्रोडक्ट्स के आयात पर विचार कर रही है. पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत में दूध उत्पादन में कमी के चलते डेयरी प्रोडक्ट्स की सप्लाई में दिक्कतें पैदा हुई है तो उसके चलते इनकी कीमतें भी बढ़ी है. बीते वर्ष राजधानी दिल्ली समेत कई जगहों पर मख्खन की सप्लाई बाधित हुई थी. सरकार ने ये भी माना कि चारे की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है उसके कारण दूध की महंगाई बढ़ी है. उन्होंने कहा कि चारे की आपूर्ति में समस्या है क्योंकि पिछले चार वर्षों में चारे की फसल का रकबा भी स्थिर रहा है, जबकि डेयरी क्षेत्र सालाना छह फीसदी की दर से बढ़ रहा है. 

पशुपालन और डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने मवेशियों में गांठदार त्वचा रोग के कारण वित्त वर्ष 2022-23 में देश के दुग्ध उत्पादन में ठहराव का सामना करना पड़ा है. जबकि महामारी के बाद की मांग में उछाल के कारण इसी अवधि में घरेलू मांग में 8-10 फीसदी की बढ़ोतरी आई है.  उन्होंने कहा, ‘देश में दूध की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है.  स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) का पर्याप्त भंडार है. लेकिन डेयरी उत्पादों, विशेष रूप से वसा, मक्खन और घी आदि के मामले में पिछले वर्ष के मुकाबले स्टॉक कम है. उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों में दूध के स्टॉक की स्थिति का आकलन करने के बाद यदि जरूरी हुआ, तो सरकार मक्खन और घी जैसे डेयरी उत्पादों के आयात करने पर विचार करेगी. दक्षिणी राज्यों में अब उत्पादन का चरम समय शुरू हो गया है. 

हालांकि उन्होंने कहा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी है ऐसे में मौजूदा समय में आयात फायदेमंद नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, अगर वैश्विक कीमतें ऊंची हैं, तो आयात करने का कोई मतलब नहीं है. हम देश के बाकी हिस्सों में उत्पादन का आकलन करने के बाद सरकार कोई फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिन में बेमौसम बारिश के कारण तापमान में गिरावट के साथ स्थिति अनुकूल हुई है ऐसे में उत्तर भारत में यह कमी कम रहेगी. पशुपालन और डेयरी सचिव ने बताया कि पिछले साल गांठदार त्वचा रोग के प्रभाव की वजह से 1.89 लाख मवेशियों की मौत और दूध की मांग में महामारी के बाद के उछाल के कारण देश का दूध उत्पादन स्थिर रहा है. 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में दूध उत्पादन वर्ष 2021-22 में 22.1 करोड़ टन रहा, जो इससे पिछले वर्ष के 20.8 करोड़ टन से 6.25  फीसदी अधिक था. हालांकि, 2022-23 यह कम होगा या स्थिर रह सकता है. भारत ने आखिरी बार वर्ष 2011 में डेयरी उत्पादों का आयात किया था. 

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