धर्मांतरण मामले में पकड़े गए पादरी और उसकी पत्नी के 5 खाते में अमेरिका से आए थे 30 लाख


गाजियाबाद, 28 जुलाई (आईएएनएस)। गरीब लोगों को आर्थिक मदद का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले पादरी को 26 जुलाई को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पादरी और उसकी पत्नी के पांच अलग-अलग बैंक अकाउंट में अमेरिका से करीब 30 लाख की रकम भेजी गई थी।

इसका मतलब है कि पहले गरीब लोगों को आर्थिक मदद का लालच दिया जा रहा था और उनका धर्मांतरण कराया जा रहा था। यह भी जानकारी मिली कि हर महीने खाते में 50 हजार से एक लाख रुपये तक आ रहे थे। पुलिस मान रही है कि यह रकम धर्मांतरण के लिए भेजा जा रहा था। इसीलिए पुलिस अब इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी लगाने की तैयारी कर रही है।

दरअसल, गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र में शाहजहांपुर गांव है। यहां के आशीष ने गांव के रोहित और उसकी मां कुसुम पर धर्मांतरण कराने का केस 23 जुलाई को मोदीनगर थाना में दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में 26 जुलाई को पादरी महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जो हापुड़ जिले में पीरनगर सूदना गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने खुलासा किया कि पादरी महेंद्र और उसकी पत्नी सीमा बैथहलम गोस्पल नामक ट्रस्ट चलाते हैं। इसी ट्रस्ट की आड़ में गरीब हिंदुओं की आर्थिक मदद करते हैं, उन्हें प्रार्थना के नाम पर इकट्ठा करते हैं और फिर धीरे-धीरे ईसाई धर्म ग्रहण करा देते हैं।

अभी तक गाजियाबाद पुलिस ने पादरी महेंद्र और ट्रस्ट के पांच बैंक खाते ट्रेस किए हैं। पता चला है कि सितंबर 2019 से अब तक इन पांचों बैंक अकाउंट्स में अमेरिका से करीब 30 लाख रुपये आया है। इसके अलावा पंजाब सहित कई राज्यों से भी लगातार पैसा आ रहा था।

इतना ही नहीं महेंद्र की पत्नी सीमा के बैंक खाते में भी अब तक अमेरिका से करीब 10 लाख रुपए आ चुके हैं। अमेरिका से रकम स्कम हार्वेस्ट बर्ड नामक संस्था से भेजा गया। जिन-जिन लोगों ने पादरी के अकाउंट्स में पैसा भेजा है, पुलिस उनकी हिस्ट्री निकालने में जुटी है।

मोदीनगर क्षेत्र के एसीपी ज्ञानप्रकाश राय के मुताबिक पादरी और उसकी पत्नी के बैंक खातों की जांच चल रही है। इसमें विदेशी फंडिंग की जानकारी हुई है। हर महीने 50 हजार से एक लाख रुपये तक खातों में आ रहा था। लीगल एक्सपर्ट से राय ली जा रही है कि विदेशी पैसे का लेन-देन किस तरह हो सकता है और यहां क्या खामियां बरती गई हैं। इसके बाद मुकदमे में और धाराएं जोड़ी जाएंगी।

–आईएएनएस

पीकेटी/एबीएम


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