Tuesday, February 17, 2026

शनि जयंती पर शनि देव को जरुर चढ़ाए 5 शुभ चीजें, मिट जाएंगे सारे दुख-दोष


Shani Jayanti 2023: न्याय प्रिय देवता शनि देव का जन्मोत्सव हर साल ज्येष्ठ अमावस्या पर मनाया जाता है, इसे शनि जयंती कहते हैं. इस दिन शुभ फल पाने के लिए सूर्य पुत्र शनि देव की विशेष पूजा करनी चाहिए. शनि जयंती 19 मई 2023 को है.

शनि जयंती को लेकर मान्यता है इस दिन कुछ खास चीजें शनि देव को अर्पित की जाएं तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं और साधक मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहता है. आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर यानी शनि जयंती पर शनि देव को कौन सी पांच चीजें खासतौर पर चढ़ानी चाहिए.

शनि जयंती पर चढ़ाएं 5 खास चीजें (Shani Jayanti Puja Samagri)

सरसों का तेल

पौराणिक कथा के अनुसार रावण के चुंगल से शनि को छु़ड़ाने के बाद हनुमान जी ने उनके शरीर पर तेल से मालिश की थी और शनि को दर्द से मुक्त किया था, तभी से शनि देव पर सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है. शनि जयंती पर शनि की शीला पर तेल स अभिषेक करने से गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है. दुख-दर्द खत्म होते हैं.

शमी के पत्ते

शमी के पौधे को शनि देव का पौधा माना जाता है. इसके साथ ही माना जाता है कि भगवान शिव को शमी चढ़ाने से वह जल्द प्रसन्न हो जाते हैं. इसके फल, पत्ते, जड़ चढ़ाने से शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो जाते हैं. आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है.

नीले फूल

शनि का नीले रंग से संबंध है, इसलिए उन्हें नीले रंग के फूल अति प्रिय है. शनि जयंती पर अपराजिता, शमी के फूल, आक के फूल शनि देव के चरणों में अर्पित करें. मान्यता है इससे तरक्की के रास्ते खुलते हैं, नौकरी में चल रही परेशानी दूर होती है.

नारियल

शनि जयंती के दिन एक जटावाला नारियल, सौ ग्राम काले तिल, 100 ग्राम उड़द दाल और एक कील काले कपड़े में लपेट दें. अब शनि मंदिर में शनि चालीसा का पाठ करें और फिर उसके बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें. इससे आपके शनि और पितृदोष में कमी आती है और आपके धन की वृद्धि होने लगती है. नजर दोष से मुक्ति पाने के लिए ये उपाय कारगर है.

काला तिल-काली उड़द

काले तिल का कारक शनि ग्रह ही है. कहते हैं कि शनि की पीड़ा से राहत पाने के लिए शनि जयंती पर शनि देव को एक मुठ्‌ठी काले तिल और काली उड़द चढ़ाएं और फिर काले तिल का दान भी करें. इससे राहु-केतु जनित दोष भी शांत होते हैं.

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