भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाएंगे नवरत्न ग्रुप (Navratna Group) के संस्थापक हिमांश वर्मा

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाएंगे नवरत्न ग्रुप (Navratna Group) के संस्थापक हिमांश वर्मा

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। नवरतन ग्रुप (Navratna Group) के संस्थापक हिमांश वर्मा भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं। पटियाला के रहने वाले वर्मा 19 साल की उम्र में ही भारत के सबसे कम उम्र के करोड़पति के रूप में प्रसिद्ध हुए। अभी उनकी उम्र 38 साल है।

वर्मा का ताजा प्रयास ग्रीन सीमेंट की शुरुआत है, जो भारत के निर्माण उद्योग में एक बड़ी कामयाबी है। यह पर्यावरण-अनुकूल विकल्प कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय प्रभाव को महत्वपूर्ण रूप से कम करने का वादा करता है, जिससे टिकाऊपन के लिए एक नया मानक स्थापित होता है।

अपने पर्यावरण-अनुकूल सीमेंट उद्योग के अलावा, वर्मा पहली बार भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक बसें पेश करने के लिए भी तैयार हैं।

जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण को कम करने की प्रतिबद्धता के साथ, यह पहल स्वच्छ और कुशल परिवहन के लिए भारत के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है।

1 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल संपत्ति के साथ, वर्मा की सफलता भारत के भविष्य को आकार देने में युवा उद्यमिता और नवाचार की क्षमता पर जोर देती है।

उनके उद्यम न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं बल्कि अधिक टिकाऊ और समृद्ध राष्ट्र का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

नवरतन ग्रुप भारतीय व्यापार परिदृश्य में नवाचार और स्थिरता का प्रतीक है।

मुंबई में मुख्यालय वाला यह बहुराष्ट्रीय ग्रुप एक शानदार वैश्विक उपस्थिति का दावा करता है, जो 1 बिलियन डॉलर से अधिक की कुल संपत्ति पर आधारित है।

पर्यावरण प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए मशहूर, ग्रुप ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन सीमेंट, मनोरंजन, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-बस सहित अत्याधुनिक उद्योग की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करने के लिए रणनीतिक रूप से अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाई है।

दूरदर्शी उद्यमी हिमांश वर्मा द्वारा स्थापित, नवरतन ग्रुप परिवर्तनकारी पहलों का नेतृत्व करना जारी रखता है जो न केवल व्यापार वृद्धि को बढ़ावा देता है बल्कि समाज की भलाई में भी योगदान देता है।

टिकाऊपन और नवाचार पर फोकस के साथ, यह बिजनेस ग्रुप आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल, हरित भविष्य को आकार देने में सबसे आगे बना हुआ है।

–आईएएनएस

पीके/एसकेपी

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