Wednesday, February 11, 2026

चुनावी वर्ष में ‘वॉयस इंजन’ (Voice Engine) के साथ डीपफेक (Deepfake) से निपेटेगा ओपनएआई

नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। ग्लोबल इलेक्शन ईयर में वर्ल्ड लीडर्स डीपफेक (Deepfake) के खतरे से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सैम ऑल्टमैन द्वारा संचालित ओपनएआई ‘वॉयस इंजन’ (Voice Engine) नामक टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल के साथ एआई डेवलप करने की कोशिश कर रहा है।

एआई मॉडल नेचुरल-साउंड स्पीच जनरेट करने के लिए टेक्स्ट इनपुट और “सिंगल 15-सेकंड ऑडियो सैंपल” का इस्तेमाल करता है।

ओपनएआई के अनुसार, “15 सेकंड के सैंपल वाला छोटा मॉडल रियलिस्टिक आवाजें बना सकता है।”

ओपनएआई ने कहा, “हम सरकार, मीडिया, मनोरंजन, शिक्षा, नागरिक समाज और अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ जुड़ रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम निर्माण करते समय उनके सुझावों को शामिल कर रहे हैं।”

‘वॉयस इंजन’ (Voice Engine) की टेस्टिंग करने वाले साझेदार ओपनएआई की पॉलिसी पर सहमत हुए हैं, जो सहमति या कानूनी अधिकार के बिना किसी अन्य व्यक्ति या संगठन के प्रतिरूपण को प्रतिबंधित करती है।

कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “इन साझेदारों के साथ हमारी शर्तों के लिए मूल वक्ता से स्पष्ट सहमति की आवश्यकता होती है और हम डेवलपर्स को व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी आवाज बनाने के तरीके बनाने की अनुमति नहीं देते हैं।”

कंपनी ने कहा कि भागीदारों को अपने दर्शकों को यह भी स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे जो आवाजें सुन रहे हैं वे एआई-जनरेटेड हैं।

“आखिरकार, हमने सुरक्षा उपायों का एक सेट लागू किया है, इसमें वॉयस इंजन द्वारा उत्पन्न किसी भी ऑडियो की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए वॉटरमार्किंग, साथ ही इसका उपयोग कैसे किया जा रहा है, इसकी सक्रिय निगरानी शामिल है।”

–आईएएनएस

पीके/सीबीटी

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