चीन की अर्थव्यवस्था पिछले साल अक्टूबर में डिफ्लेशन में चली गई थी। इससे वहां असंतुलन बढ़ने की आशंका है जिसका कुछ असर विश्व अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। डिफ्लेशन इन्फ्लेशन का उल्टा होता है। महंगाई के विपरीत इसमें वस्तुओं के दाम घटते हैं। डिफ्लेशन यह भी बताता है कि अर्थव्यवस्था में या तो मांग कम है या सप्लाई ज्यादा है। चीन अधिक सप्लाई से जूझ रहा है।
