मोहन यादव ने कहा लोकतंत्र में व्यक्ति अपनी योग्यता और क्षमता से आगे बढ़ता है जबकि राजतंत्र में राजा का बेटा परिवारवाद के आधार पर आगे बढ़ता है। क्रांतिकारियों ने राजतंत्र को समाप्त कर लोकतंत्र की स्थापना के लिए ही आत्मोत्सर्ग किया था। भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जिसने बिना कोई पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि होते हुए भी उनके जैसे साधारण कार्यकर्ता को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया।
