प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जब भी विकसित भारत की बात करता हूं तो इसके लिए नई सोच की बात करता है. विकसित भारत के लिए नई सोच, नई दिशा जरूरी है. देश में जिस प्रकार की सोच आजादी के बाद कई दशकों तक रही, उस पर चलते हुए ये संभव नही थे. पहले सोच ये थी कि देश के नागरिकों को जैसे-तैसे गुजारा कराओ. उन्हें हर मूलभूत सुविधा से तरसाकर रखो. पहले की सरकारें सुविधाओं को दो-चार बड़े शहरों तक ही सीमित रखती थी.
