Sunday, February 15, 2026

76 प्रतिशत भारतीय नियोक्ता 2026 की पहली छमाही में पैदा करेंगे नई नौकरियां : रिपोर्ट


नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के 76 प्रतिशत नियोक्ता 2026 की पहली छमाही में विभिन्न क्षेत्रों में नई नौकरियां पैदा करेंगे। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

1,250 से अधिक रोजगार प्रदाताओं से मिले इनपुट के आधार पर नौकरी इंडिया के द्विवार्षिक सर्वेक्षण के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र 88 प्रतिशत नई नौकरियों के साथ अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

वहीं, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 2026 की पहली छमाही में आने वाली नौकरियों में से 79 प्रतिशत नई भूमिकाएं होंगी।

बीएफएसआई (बैंकिंग फाइनेंस सर्विसेज और इंश्योरेंस) में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत और आईटी सेक्टर के लिए यह 76 प्रतिशत पर होगा।

नौकरीडॉटकॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर डॉ.पवर गोयल ने कहा, “2026 की पहली छमाही में 76 प्रतिशत रोजगार प्रदाताओं का फोकस नए रोजगार देने पर होगा।”

रिपोर्ट में एआई के कारण नौकरियों के कम पर कहा गया कि 87 प्रतिशत रोजगार प्रदाताओं का मानना है कि एआई से नौकरियों पर कोई खास असर नहीं होगा।

दूसरी तरफ, एआई पर 18 प्रतिशत रोजगार प्रदाताओं मनाना है कि अब एआई के आने से नई नौकरियों के अवसर पैदा हो रहे हैं। ये विशेषकर आईटी, एनालिटिक्स और मार्केटिंग में हैं।

गोयल ने कहा, एआई विशेषकर आईटी, एनालिटिक्स और मार्केटिंग क्षेत्र में नई भूमिकाओं के सृजन के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में उभर रहा है। यह डेवलपमेंट कंपनियों द्वारा कार्यबल परिवर्तन के अगले चरण की तैयारी के दौरान निरंतर कौशल विकास के महत्व को दिखाता है।”

भर्ती की मांग में शुरुआती से मध्य स्तर के पेशेवरों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें आईटी और विनिर्माण क्षेत्र मध्य स्तर की भर्ती में अग्रणी भूमिका निभाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र शुरुआती स्तर की भूमिकाओं को बढ़ावा देंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, आईटी रोजगार प्रदाताओं में से 69 प्रतिशत मध्य स्तर के पेशेवरों (4-7 वर्ष का अनुभव) की सबसे अधिक मांग की उम्मीद करते हैं, जबकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के 65 प्रतिशत रोजगार प्रदाता 0-3 वर्ष के अनुभव वाले उम्मीदवारों को भर्ती करने की योजना बना रहे हैं, जो इस क्षेत्र में नए प्रतिभाओं की ओर रुझान को दर्शाता है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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