डीआरसी में इबोला संक्रमण के 1,094 मामले दर्ज, 277 की मौत


किंशासा, 24 जून (आईएएनएस) । डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला अब तक 277 लोगों की जान ले चुका है। वहीं 1,094 के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। 15 मई को इबोला प्रकोप की घोषणा की गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे पहले महीने में दर्ज सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड बताया है।

मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 387 मरीज क्वारंटीन में हैं या उपचार प्राप्त कर रहे हैं, जबकि 115 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा, 131 संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं, जिनमें 44 संदिग्ध मौतें शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की दैनिक महामारी रिपोर्ट के अनुसार, साप्ताहिक आधार पर पुष्ट मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जो समुदाय में संक्रमण के फैलाव को दर्शाता है।

सिंहुआ न्यूज एजेंसी ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को तेज किया गया है, जिसमें महामारी विज्ञान और प्रयोगशाला निगरानी को मजबूत करना तथा जांच क्षमता का विकेंद्रीकरण शामिल है। इससे समय रहते मामलों की पहचान संभव हो रही है और यह समुदाय स्तर पर फैलाव की पुष्टि करता है।

जिनेवा में मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में डब्ल्यूएचओ के हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पॉन्स ऑपरेशंस निदेशक अब्दिरहमान महमूद ने कहा कि यह अफ्रीका में किसी भी इबोला प्रकोप के पहले महीने में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं।

उन्होंने बताया कि प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार के संकेत मिले हैं और हाल के दो हफ्तों में उपचार सुविधाएं बढ़ी हैं। अब यह क्षमता कुछ ही बेड से बढ़कर 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड तक पहुंच गई है।

प्रयोगशाला क्षमता भी तेजी से बढ़ाई गई है। शुरुआत में राजधानी किंशासा में प्रतिदिन लगभग 30 परीक्षण होते थे तो अब ये 2000 से अधिक तक पहुंच गया है। इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु प्रांतों में फैली आठ प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के जरिए ये संभव हुआ है।

डीआरसी के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने मंगलवार को कहा कि वे जल्द ही इतुरी प्रांत का दौरा करेंगे, जो इस प्रकोप का केंद्र है, ताकि जमीनी स्तर पर राहत और नियंत्रण कार्यों की समीक्षा की जा सके।

किंशासा में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात बुरुंडी के राष्ट्रपति इवेरिस्टे नदायिशिमिये के साथ कही, जिनका देश वर्तमान में अफ्रीकी संघ की रोटेशन आधारित अध्यक्षता कर रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दोनों नेताओं को राष्ट्रीय इबोला टास्क फोर्स द्वारा महामारी की स्थिति और नियंत्रण उपायों की जानकारी दी गई।

त्शिसेकेदी ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की अपील की और रोकथाम, निगरानी तथा तेज सूचना साझा करने पर जोर दिया।

नदायिशिमिये ने अफ्रीकी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीमाएं बंद न करने की अपील की।

युगांडा, जो इतुरी प्रांत से सटा हुआ है (जहां लगभग 90 प्रतिशत संक्रमण पाए गए हैं) में एक और मामला सामने आया है। इसके साथ ही वहां कुल मामलों की संख्या 20 हो गई है, जिनमें 14 मरीज ठीक हो चुके हैं और दो की मौत हो गई है।

युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 15 मामले बाहर से आए संक्रमण हैं।

मंगलवार को ही युगांडा और कांगो ने मिलकर सीमा पार सहयोग शुरू किया है, जिसमें संयुक्त निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, मोबाइल लैब और उपचार केंद्र शामिल हैं।

डब्ल्यूएचओ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डीआरसी में इबोला का जोखिम बहुत अधिक बना हुआ है क्योंकि संक्रमण लगातार फैल रहा है और नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।

वहीं, युगांडा में भी संक्रमण दर उच्च बनी हुई है।

–आईएएनएस

केआर/


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