मुंबई, 13 फरवरी (आईएएनएस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के नवनियुक्त डिप्टी मेयर संजय घाडी ने कहा कि इस कार्यकाल में मुंबई में स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी पर भी निशाना साधा है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में संजय घाडी ने कहा कि मुंबई में कूपर अस्पताल और नायर अस्पताल जैसे और हॉस्पिटल बनने चाहिए। छोटे अस्पतालों में भी मरीजों को अच्छी सुविधा मिलनी चाहिए। स्कूलों में भी और सुधार होना चाहिए। पुरानी इमारतों को तोड़कर नया स्ट्रक्चर बनाया जाना चाहिए और निजी स्कूलों से बेहतर पढ़ाई व सुविधाएं छात्रा को मिलनी चाहिए। इन सभी के लिए काम किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई शहर में आवारा कुत्तों की समस्या है। इनके कारण लोगों को दिन-रात मुश्किलें हो रही हैं। बीएमसी को इस बारे में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस को लागू करना चाहिए। आने वाले दिनों में इस पर भी काम किया जाएगा।
संजय घाडी ने कहा कि मुंबई को पूरी तरह गड्ढा मुक्त बनाया जाएगा। विजन ऐसा है कि मुंबई शहर की सड़कें सीमेंट कंक्रीट से बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे के कार्यकाल की बात करते हुए डिप्टी मेयर ने कहा, “मुंबई शहर गड्ढों से मुक्त होगा। इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने (एकनाथ शिंदे) एक पॉलिसी बनाई कि मुंबई की सड़कें सीमेंट कंक्रीट से बनाई जानी चाहिए। आज 80 प्रतिशत रास्ते सीमेंट कंक्रीट से बनाए जा चुके हैं। बाकी 20 प्रतिशत मार्गों को दुरुस्त करने के लिए नया टेंडर निकाला जाएगा।”
शिवसेना-यूबीटी पर निशाना साधते हुए डिप्टी मेयर संजय घाडी ने कहा, “यूबीटी के नेताओं को समझ नहीं आ रहा है कि वे क्या करें और क्या न करें, क्योंकि वे मराठियों और हिंदुत्व के मुद्दे उठाते रहते हैं, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ देते हैं। मुंबई और महाराष्ट्र की जनता देख रही है कि उनकी पार्टी ने क्या किया है। चुनाव से पहले वे क्या कह रहे थे और चुनाव के बाद उन्होंने क्या किया है?” संजय घाडी ने कहा कि यह यूबीटी के भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।
इसी बीच, डिप्टी मेयर संजय घाडी ने मांग उठाई कि कोविड काल के समय उद्धव ठाकरे सरकार में हुए घोटालों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे शिवसेना (यूबीटी) हो या कोई और पार्टी, जो भी घोटाला करेगा उसे नतीजे भुगतने होंगे।
–आईएएनएस
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