Saturday, February 21, 2026

बिहार विद्यापीठ स्थित 'भारत रत्न' राजेंद्र प्रसाद के घर को तोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण : तारा सिन्हा


पटना, 13 मार्च (आईएएनएस)। देश के प्रथम राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पोती तारा सिन्हा ने बिहार विद्यापीठ स्थित सदाकत आश्रम वाले घर को बचाने की गुहार लगाई है।

उन्होंने बुधवार को कहा कि भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद का आश्रम हेरिटेज प्रॉपर्टी है, जहां वे रहा करते थे। उस घर को बिहार सरकार के कुछ अधिकारी पैसा कमाने की लालच में तोड़ कर नया करना चाहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घर में राजेंद्र प्रसाद की कई यादें हैं। यह आम प्रॉपर्टी नहीं, हेरिटेज प्रॉपर्टी है। इसके संरक्षण के लिए सभी देशभक्तों को आगे आना होगा।

तारा सिन्हा ने पत्रकारों से कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद का यह आश्रम, बिहार का साबरमती आश्रम है। उनके निधन के बाद देशवासियों के दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को यहां रखा गया था। हमारी मांग है कि पुरातत्व विभाग से इस आश्रम की मरम्मत कराकर इसके पुराने स्वरूप में संरक्षित किया जाए, जो बेहद कीमती हैं।

तारा सिन्हा ने कहा कि राजेंद्र बाबू की स्मृतियों के संरक्षण के लिए इस आश्रम को बचाने का संकल्प लिया है और इसके लिए वे लोगों से आह्वन भी कर रही हैं।

राजेंद्र प्रसाद के परिवार के सदस्य मनीष सिन्हा ने बताया कि यह आश्रम बिहार के लिए साबरमती आश्रम की तरह है। इसे बचाकर बिहार सरकार अपने गौरवशाली इतिहास को दुनिया के सामने बता सकती है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एबीएम


Related Articles

Latest News