मुंबई, 13 फरवरी (आईएएनएस)। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स अपने पिछले बंद (83,674.92) से 772.19 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 82,902.73 पर खुला, तो वहीं निफ्टी अपने पिछले बंद (25,807.20) से 236.05 अंक गिरकर 25,571.15 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.40 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 847.21 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 82,827.71 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 268.35 अंकों यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,538.85 पर ट्रेड कर रहा था।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.31 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.58 प्रतिशत गिर गया।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण इंफोसिस (5.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट), टीसीएस, एचसीएल टेक, एलटीआई माइंडट्री, कोफोर्ज और विप्रो थे।
इसके अलावा, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.8 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक एम, एचयूएल, ट्रेंट, एम एंड एम, इटरनल, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाइटन, एल एंड टी, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और पावर ग्रिड प्रमुख थे।
इस दौरान केवल बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और भारती एयरटेल ही मामूली बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी गिरावट के साथ खुला और पूरे दिन बिकवाली के दबाव में रहा। दिन के पहले हिस्से में बाजार कमजोर और सीमित दायरे में घूमता रहा, जिसके बाद निफ्टी 25,752 के इंट्राडे निचले स्तर तक फिसल गया। हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी आई और यह 25,807.20 पर बंद हुआ। तकनीकी रूप से 25,900-25,950 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 25,650-25,700 के बीच मजबूत सपोर्ट है। आरएसआई 53.87 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम के साथ हल्का मंदी का संकेत देता है और निकट अवधि में सीमित तेजी की संभावना दर्शाता है।
संस्थागत निवेशकों की बात करें तो 12 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में खरीदारी जारी रखी और 108 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी नेट खरीदार रहे और उन्होंने 276 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में बढ़ती उतार-चढ़ाव की स्थिति को देखते हुए ट्रेडर्स को अनुशासित और चयनात्मक रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। नई लंबी पोजीशन तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिके, क्योंकि यह स्तर पार होने पर बाजार में स्थिर और सार्थक सुधार का संकेत मिलेगा।
–आईएएनएस
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