थिम्पू, 23 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान में अपने समकक्ष शेरिंग टोबगे के साथ ग्यालत्सुएन जेत्सुन पेमा वांगचुक मातृ एवं शिशु अस्पताल का उद्घाटन (Gyaltsuen Jetsun Pema Wangchuk Mother and Child Hospital किया।
उन्होंने इस अस्पताल को अत्याधुनिक बताया, जो भारत सरकार की सहायता से बनाया गया है। पीएम मोदी ने इसे कई परिवारों के लिए ‘आशा की किरण’ बताया।
पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर कहा, “ग्यालत्सुएन जेत्सुन पेमा वांगचुक मातृ एवं शिशु अस्पताल का उद्घाटन किया, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर कई परिवारों के लिए आशा की किरण है। यह सुविधा एक स्वस्थ भावी पीढ़ी के पोषण की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
भारत सरकार ने 150 बेड के इस अस्पताल को बनाने में सहायता दी है। अस्पताल के पहले चरण के निर्माण में 22 करोड़ की लागत आई थी, जो 2019 से ही चालू है।
अस्पताल के दूसरे चरण का निर्माण कार्य 2019 में शुरू किया गया था। वहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना के हिस्से के रूप में 119 करोड़ की लागत से अब इस अस्पताल को पूरा किया गया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह अस्पताल बच्चों और माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।”
विदेश मंत्रालय ने आगे अपने बयान में कहा, “अस्पताल में बाल चिकित्सा, स्त्री रोग और प्रसूति विज्ञान, एनेस्थिसियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर, नवजात देखभाल और बाल चिकित्सा देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।”
शुक्रवार को भूटान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किए गए पीएम मोदी ने आने वाले पांच वर्षों में हिमालयी राष्ट्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता की भी घोषणा की है।
उनकी यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा और भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के अनुरूप है।
–आईएएनएस
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